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एप्लास्टिक एनीमिया : रोग की पैथोफिज़ियोलॉजी एवं होम्योपैथिक दृष्टिकोण पर कोलकाता में डॉ. ए.के. द्विवेदी का व्याख्यान
एचएमएआई के स्वर्ण जयंती सम्मेलन में एसकेआरपी गुजराती होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज के दो वक्ता होंगे शामिल
⦁ 26 से 28 दिसंबर तक होगा आयोजन
इंदौर। होम्योपैथिक चिकित्सा की देश की शीर्ष एवं प्रतिष्ठित संस्था होम्योपैथिक मेडिकल एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एचएमएआई) द्वारा आयोजित स्वर्ण जयंती समारोह–2025 का आयोजन सिटी ऑफ जॉय कोलकाता में 26 से 28 दिसंबर 2025 तक भव्य स्तर पर किया जा रहा है। इस ऐतिहासिक अखिल भारतीय सम्मेलन में देशभर से लगभग 5000 होम्योपैथिक चिकित्सक, अनुसंधानकर्ता एवं छात्र-छात्राएं सहभागिता करेंगे।
इस प्रतिष्ठित सम्मेलन में इंदौर के वरिष्ठ, अनुभवी एवं ख्यातिप्राप्त होम्योपैथिक चिकित्सक, प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष (फिज़ियोलॉजी एवं बायोकेमिस्ट्री), एस.के.आर.पी. गुजराती होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज, इंदौर — डॉ. ए.के. द्विवेदी को बतौर वक्ता आमंत्रित किया गया है। डॉ. द्विवेदी सम्मेलन के दूसरे दिन 27 दिसंबर को दोपहर 3.30 से 5.00 बजे के मध्य हॉल नंबर–6 में “एप्लास्टिक एनीमिया : रोग की पैथोफिज़ियोलॉजी एवं होम्योपैथिक दृष्टिकोण” विषय पर अपना वैज्ञानिक व्याख्यान प्रस्तुत करेंगे।
अपने संबोधन में डॉ. द्विवेदी एप्लास्टिक एनीमिया एवं हायपोप्लास्टिक बोन मैरो डिसऑर्डर जैसे गंभीर रक्त विकारों की रोग-प्रक्रिया, उनके होम्योपैथिक प्रबंधन, दीर्घकालीन नैदानिक अनुभव तथा शोध आधारित निष्कर्षों पर प्रकाश डालेंगे। यह सत्र विशेष रूप से शोधकर्ताओं, चिकित्सा शिक्षकों एवं प्रैक्टिशनर्स के लिए अत्यंत उपयोगी माना जा रहा है।
इसी सम्मेलन में एस.के.आर.पी. गुजराती होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज, इंदौर के प्राचार्य डॉ. एस.पी. सिंह भी बतौर वक्ता सहभागिता करेंगे। उनका व्याख्यान प्राथमिक हाइपोथायरॉयडिज़्म के होम्योपैथिक प्रबंधन तथा थायरॉयड एट्रॉफी की रोकथाम में थायरॉयडिनम की प्रभावशीलता पर आधारित केस रिपोर्ट पर केंद्रित रहेगा।
सम्मेलन में डॉ. द्विवेदी को आमंत्रित किए जाने पर एचएमएआई की वैज्ञानिक समिति के संयुक्त सचिव डॉ. भार्गव चट्टोपाध्याय ने उनके सतत शोध एवं चिकित्सकीय योगदान को होम्योपैथी के क्षेत्र में प्रेरणादायी एवं अनुकरणीय बताया।
डॉ. ए.के. द्विवेदी विगत कई वर्षों से केंद्र सरकार के एनीमिया मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत एनीमिया जागरूकता को जन-आंदोलन का रूप दे रहे हैं। उनके मार्गदर्शन में संचालित एनीमिया जागरूकता रथ अभियान के माध्यम से आमजन को पोषण, निःशुल्क रक्त जांच एवं होम्योपैथिक परामर्श उपलब्ध कराया जा रहा है। इसी सामाजिक योगदान के कारण पिछले दो वर्षों में भारत की राष्ट्रपति माननीय श्रीमती द्रौपदी मुर्मू जी के इंदौर प्रवास के दौरान डॉ. द्विवेदी से दो बार भेंट कर उन्हें विशेष प्रोत्साहन प्राप्त हुआ।
कोलकाता में आयोजित यह स्वर्ण जयंती सम्मेलन एचएमएआई के 50 वर्षों की सेवा, शोध एवं चिकित्सा साधना का प्रतीक है। ऐसे में एसकेआरपी गुजराती होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज, इंदौर के शिक्षकों की सहभागिता न केवल संस्था के लिए गौरव का विषय है, बल्कि भारतीय होम्योपैथी की वैज्ञानिक सशक्तता को भी राष्ट्रीय मंच पर सुदृढ़ रूप से प्रस्तुत करेगी।


